jai mandle image

Raazlaxmi Divya mandle | 7:32 PM | | 0 comments »

raja mandle
jay mandle Arjunda
jay mandle Arjunda










pyar ki sayari: gundardehi

Raazlaxmi Divya mandle | 8:21 AM | 0 comments »

pyar ki sayari: gundardehi

pyar ki sayari: gundardehi

Raazlaxmi Divya mandle | 8:21 AM | 0 comments »

pyar ki sayari: gundardehi

muskan

Raazlaxmi Divya mandle | 6:43 AM | | 0 comments »

मैंने बत्तख नहीं पाली है’


गर्मियों के मौसम में मैंने टेलीमार्केटिंग (टेलीफोन के जरिए उत्पाद बेचना) का काम करना शुरु किया था।

इसी सिलसिले में, मैंने एक दिन एक महिला को फोन किया। मैंने उसे बताया कि अगर घर की कोई डक्ट (पाइप) बंद है तो मैं आकर उसे साफ कर सकता हूं।


महिला ने पहले मेरी बातें सुनी, फिर कहा कि, “नहीं, मैने डक (बत्तख) नहीं पाला है, मेरे यहां सिर्फ कैट (बिल्ली) है और वह भी अपनी सफाई खुद कर सकती है।”
*****************************************************************************चूहा:-
एक चीता सिगरेट का सुट्टा लगाने ही वाला था कि अचानक वहां एक चूहा आ गया।

चूहा बोला : भाई छोड़ दो नशा और आओ मेरे साथ देखो ये जंगल कितना खूबसूरत है।
चीता चूहे के साथ चल दिया।
आगे एक हाथी कोकीन पी रहा था।
चूहा फिर बोला : भाई छोड़ दो नशा, आओ मेरे साथ देखो ये जंगल कितना खूबसूरत है।
हाथी भी साथ चल दिया।
आगे शेर शराब पीने की तैयारी कर रहा था, चूहे ने उसे भी वही कहा।
शेर ने ग्लास साइड में रखकर चूहे को 5-6 थप्पड़ मारे।
हाथी बोला : अरे क्यों मार रहे हो इस बेचारे को?
शेर बोला : इस कमीने ने पिछ्ली बार भी अफीम खाकर मुझे 3 घंटे जंगल में ऐसे ही घुमाया था.*******************************************.


अपुन की दोस्ती,
अपुन आग तो तू घी,
अपुन मिल्क तो तू टी,
अपुन आसमान तो तू तारा,
अपुन जानवर तो चारा,
अपुन एक्जाम तो तू चिट,
अपुन मुन्ना तो तु सर्किट।




Raazlaxmi Divya mandle | 6:20 AM | | 0 comments »

गाती हुई हाथों में सिंगर की मशीन
कतरों से पसीने के शराबोर जबीन
मसरूफ किसी काम में देखूं जो तुझे
तू और भी मुझको नजर आती है हसीन
पानी कभी दे रही है फुलवारी में
कपड़े कभी रख रही है अलमारी में
तू कितनी घरेलू-सी नजर आती है
लिपटी हुई, हाथ की धुली साड़ी में
अब इसको किफायत कहो या इसका शऊर
औरत का तो ये गुण है सदा से मशहूर
हर तरह की तंगी भी उठा लेगी, मगर
चुपचाप से कुछ बचा के रखेगी जरूर

चुप रह के हर एक घर की परेशानी को
किस तरह न जाने तू उठा लेती है
फिर आए-गए से, मुस्कुरा कर मिलना
तू कैसे हर एक दर्द छुपा लेती है

raazlaxmi

Raazlaxmi Divya mandle | 6:18 AM | | 0 comments »

गाती हुई हाथों में सिंगर की मशीन
कतरों से पसीने के शराबोर जबीन
मसरूफ किसी काम में देखूं जो तुझे
तू और भी मुझको नजर आती है हसीन

पानी कभी दे रही है फुलवारी में
कपड़े कभी रख रही है अलमारी में
तू कितनी घरेलू-सी नजर आती है
लिपटी हुई, हाथ की धुली साड़ी में

अब इसको किफायत कहो या इसका शऊर
औरत का तो ये गुण है सदा से मशहूर
हर तरह की तंगी भी उठा लेगी, मगर
चुपचाप से कुछ बचा के रखेगी जरूर

चुप रह के हर एक घर की परेशानी को
किस तरह न जाने तू उठा लेती है
फिर आए-गए से, मुस्कुरा कर मिलना
तू कैसे हर एक दर्द छुपा लेती है


raazlaxmi mandle

gundardehi

Raazlaxmi Divya mandle | 6:10 AM | | 2 comments »

arjunda 

PolicyBazaar.com/PureInvestment
बस तीन ही चीजें हैं वतन का ज़ेवर
इस देश की सभ्यता का असली जौहर
इक फूल गुलाब, एक नदी गंगा
इक नार, जिसे बुलाएं गोरी कहकर

सीने पे पड़ा हुआ ये दोहरा आंचल
आंखों में ये लाज का लहकता काजल
तहज़ीब की ये तस्वीर, हया की देवी
पर सेज पे कितनी शोख, कितनी चंचल

हर सुबह को गुंचे में बदल जाती है
हर शाम को शमां बन के जल जाती है
और रात को जब बंद हो कमरे के किवाड़
छिटकी हुई चांदनी में ढल जाती है

तू खुद भी हसीं है मगर दुनिया में
ऐसा भी नहीं कोई हसीं और भी नहीं
पर इतना मुझे यकीं हैं मेरे घर में
जो तुझसे है रोशनी कहीं और नही

. ज़माना आज नहीं डगमगा के चलने का
संभल भ़ी जा कि अभी वक़्त है संभलने का

ये ठीक है कि सितारों पे घूम आये हम
मगर किसे है सलीक़ा ज़मीं पे चलने का

फिरै हैं रातों को आवारा हम, तो देखा है
गली-गली में समां चांद के निकलने का

हमें तो इतना पता है कि जब तलक हम हैं
रिवाज-ए-चाक गिरेबां नहीं बदलने का


 BY:- Raja mandle
village- arjunda nagar
mo. -8435705078 




कहते हैं कि सादगी के आगे क्या है
काजल की लकीर हो कि गाज़े का गुबार
खिलते हुए होंठ, मुस्कुराती आंखें
औरत का नहीं इससे हसीं कोई सिंगार

वो नार जिसे देश कहिए सौभाग
हर सांस तपस्या, नजर प्रेम का त्याग
जो आग के शोलों से गुज़र सकती है
जो मौत से अपना छीन सकती है सुहाग

कहते हैं कि तू गम को भी दे देती है रूप
घर तक नहीं महदूद तिरा रूप अनूप
जीवन की सुलगती हुई राहों में भी
तू जब साथ चले तो नर्म पड़ जाती है धूप


हमसे भागा न करो, दूर गजलों की तरह
 हमसे भागा न करो, दूर गजलों की तरह
हमने चाहा है तुम्हें चाहने वालों की तरह

खुद-ब-खुद नींद-सी आंखों में घुली जाती है
महकी-महकी है शब-ए-गम तेरे बालों की तरह

तेरे बिन, रात ज्के हाथों पे ये तारों के अयाग
खूबसूरत हैं मगर जहर के प्यालों की तरह

और क्या उसमें जियादा कोई नर्मी बरतूं
दिल के जख्मों को छुआ है तेरे गालों की तरह

गुनगुनाते हुए दर आ कभी उन सीनों में
तेरी खातिर जो महकते हैं सवालों की तरह

मुझसे नजरे तो मिलाओ कि हजारों चेहरे
मेरी आंखों में सुलगते हैं सवालों की तरह

जुस्तजू ने किसी मंजिल पे ठहरने न दिया
हम भटकते रहें आवारा ख्यालों की तरह

जिन्दगी! जिसको तेरा प्यार मिला वो जाने
हम तो नाकाम रहें, चाहने वालों की तरह।

 हमसे भागा न करो, दूर गजलों की तरह
हमने चाहा है तुम्हें चाहने वालों की तरह
खुद-ब-खुद नींद-सी आंखों में घुली जाती है
महकी-महकी है शब-ए-गम तेरे बालों की तरह
तेरे बिन, रात ज्के हाथों पे ये तारों के अयाग
खूबसूरत हैं मगर जहर के प्यालों की तरह
और क्या उसमें जियादा कोई नर्मी बरतूं
दिल के जख्मों को छुआ है तेरे गालों की तरह
गुनगुनाते हुए दर आ कभी उन सीनों में
तेरी खातिर जो महकते हैं सवालों की तरह
मुझसे नजरे तो मिलाओ कि हजारों चेहरे
मेरी आंखों में सुलगते हैं सवालों की तरह
जुस्तजू ने किसी मंजिल पे ठहरने न दिया
हम भटकते रहें आवारा ख्यालों की तरह
जिन्दगी! जिसको तेरा प्यार मिला वो जाने
हम तो नाकाम रहें, चाहने वालों की तरह।


कौन रोता है किसी और की खातिर..
  ........कभी खुद पे कभी हालात पे रोना आया
बात निकली तो हर एक बात पे रोना आया

हम तो समझे थे कि हम भूल गए हैं उनको
क्या हुआ आज, यह किस बात पे रोना आया

किस लिए जीते हैं हम किसके लिए जीते हैं
कई बार ऐसे सवालात पे रोना आया

कौन रोता है किसी और की खातिर ए दोस्त!
सबको अपनी ही किसी बात पे रोना आया

एक तो नैनां कजरारे और तिस पर डूबे काजल में
बिजली की बढ़ जाए चमक कुछ और भी गहरे बादल में

आज ज़रा ललचायी नज़र से उसको बस क्या देख लिया
पग-पग उसके दिल की धड़कन उतर आई पायल में

प्यासे-प्यासे नैनां उसके जाने पगली चाहे क्या
तट पर जब भी जावे, सोचे, नदिया भर लूं छागल में

गोरी इस संसार में मुझको ऐसा तेरा रूप लगे
जैसे कोई दीप जला दे घोर अंधेर जंगल में

प्यार की यूं हर बूंद जला दी मैंने अपने सीने में
जैसे कोई जलती माचिस डाल दे पीकर बोतल में

BY:- Raja mandle
village- arjunda nagar
mo. -8435705078