. ज़माना आज नहीं डगमगा के चलने का
संभल भ़ी जा कि अभी वक़्त है संभलने का
ये ठीक है कि सितारों पे घूम आये हम
मगर किसे है सलीक़ा ज़मीं पे चलने का
फिरै हैं रातों को आवारा हम, तो देखा है
गली-गली में समां चांद के निकलने का
हमें तो इतना पता है कि जब तलक हम हैं
रिवाज-ए-चाक गिरेबां नहीं बदलने का
BY:- Raja mandle
village- arjunda nagar
mo. -8435705078
संभल भ़ी जा कि अभी वक़्त है संभलने का
ये ठीक है कि सितारों पे घूम आये हम
मगर किसे है सलीक़ा ज़मीं पे चलने का
फिरै हैं रातों को आवारा हम, तो देखा है
गली-गली में समां चांद के निकलने का
हमें तो इतना पता है कि जब तलक हम हैं
रिवाज-ए-चाक गिरेबां नहीं बदलने का
BY:- Raja mandle
village- arjunda nagar
mo. -8435705078







0 comments
Post a Comment