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Raazlaxmi Divya mandle | 6:43 AM | | 0 comments »

मैंने बत्तख नहीं पाली है’


गर्मियों के मौसम में मैंने टेलीमार्केटिंग (टेलीफोन के जरिए उत्पाद बेचना) का काम करना शुरु किया था।

इसी सिलसिले में, मैंने एक दिन एक महिला को फोन किया। मैंने उसे बताया कि अगर घर की कोई डक्ट (पाइप) बंद है तो मैं आकर उसे साफ कर सकता हूं।


महिला ने पहले मेरी बातें सुनी, फिर कहा कि, “नहीं, मैने डक (बत्तख) नहीं पाला है, मेरे यहां सिर्फ कैट (बिल्ली) है और वह भी अपनी सफाई खुद कर सकती है।”
*****************************************************************************चूहा:-
एक चीता सिगरेट का सुट्टा लगाने ही वाला था कि अचानक वहां एक चूहा आ गया।

चूहा बोला : भाई छोड़ दो नशा और आओ मेरे साथ देखो ये जंगल कितना खूबसूरत है।
चीता चूहे के साथ चल दिया।
आगे एक हाथी कोकीन पी रहा था।
चूहा फिर बोला : भाई छोड़ दो नशा, आओ मेरे साथ देखो ये जंगल कितना खूबसूरत है।
हाथी भी साथ चल दिया।
आगे शेर शराब पीने की तैयारी कर रहा था, चूहे ने उसे भी वही कहा।
शेर ने ग्लास साइड में रखकर चूहे को 5-6 थप्पड़ मारे।
हाथी बोला : अरे क्यों मार रहे हो इस बेचारे को?
शेर बोला : इस कमीने ने पिछ्ली बार भी अफीम खाकर मुझे 3 घंटे जंगल में ऐसे ही घुमाया था.*******************************************.


अपुन की दोस्ती,
अपुन आग तो तू घी,
अपुन मिल्क तो तू टी,
अपुन आसमान तो तू तारा,
अपुन जानवर तो चारा,
अपुन एक्जाम तो तू चिट,
अपुन मुन्ना तो तु सर्किट।