gundardehi

Raazlaxmi Divya mandle | 6:10 AM | | 2 comments »

arjunda 

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बस तीन ही चीजें हैं वतन का ज़ेवर
इस देश की सभ्यता का असली जौहर
इक फूल गुलाब, एक नदी गंगा
इक नार, जिसे बुलाएं गोरी कहकर

सीने पे पड़ा हुआ ये दोहरा आंचल
आंखों में ये लाज का लहकता काजल
तहज़ीब की ये तस्वीर, हया की देवी
पर सेज पे कितनी शोख, कितनी चंचल

हर सुबह को गुंचे में बदल जाती है
हर शाम को शमां बन के जल जाती है
और रात को जब बंद हो कमरे के किवाड़
छिटकी हुई चांदनी में ढल जाती है

तू खुद भी हसीं है मगर दुनिया में
ऐसा भी नहीं कोई हसीं और भी नहीं
पर इतना मुझे यकीं हैं मेरे घर में
जो तुझसे है रोशनी कहीं और नही

2 comments

  1. DL // March 16, 2012 at 7:50 AM  

    best line dear thanx


    duniya me aanshu bahut hai
    ishq karne ko ladkiya bahuta hai
    magar tuta dil ko jodne wale nahi hai
    dil ko samndar samjh kar aanshu bahate hai
    magar dil kambakt nikla jo aanshu ko bhi dil se gira deta hai.............

  2. Divya mandle // March 16, 2012 at 8:22 AM  

    thank u