हुआ गजब एक दिन कुछ ऐसा

अंडा लेने खुद मुर्गी गयी दुकान.

दुकानदार ने अचरज से पूछा

"तुम खुद मुर्गी होकर अंडा लेने क्यूँ आई?

हे सतरंगी दो तुम मुझे इसका जवाब".

मुर्गी थोड़ा शरमायी, और फिर इतरा के बोली

"मुर्गा कह्ता दो रूपए के अंडे की ख़ातिर,

ना कर अपना फिगर खराब".