दिल्ली उतनी भी बुरी नहीं जितनी लगती थी। अपने शहर से बाहर निकलकर दिल्ली में कैसे रहना है ये दिल्ली वालों ने ही सिखा दिया।

यह कहना है बिहार के दरभंगा जिले से डीयू के नॉर्थ कैंपस में पढ़ने आई रंजना का। तीन बहनों में से वह बड़ी थी और पूरे गांव की भी पहली लड़की जिसे बाहर पढ़ने के लिए भेजा जा रहा था।  डीयू के मिराण्डा कॉलेज में पढ़ रही रंजना मुखर्जी नगर में एक कमरा लेकर रहती है।

रंजना अकेली लड़की नहीं है बल्कि उस जैसी बहुत सी लड़कियां हैं जो डीयू में दाखिला लेने के लिए हर साल दूसरे शहरों से दिल्ली आती हैं  और यहां गर्ल्‍स हॉस्‍टल में या कमरा लेकर दो-तीन लड़कियों के साथ रहती है।

सोनिका वलाया पंजाब के संगरूर इलाके से है। जब दिल्ली आई तो उसकी सोच थी कि वह कमरा लेकर रहेगी, क्‍योंकि हॉस्‍टल उसे जेल की तरह लगता था। इतफाक से उसे शास्त्री नगर में उसे एक कमरा मिल गया, जो बिल्‍कुल घर जैसा था। जहां किसी भी तरह की कोई टोका-टाकी नहीं  थी। यहां तक की उन्हें रात में देर से आने की भी आजादी है।

रामजस के द्वितीय वर्ष में पढ़ रही नीतू अन्‍य लड़कियों के साथ कमरा शेयर करती है। पहले उनके बीच छोटी-छोटी बातों पर नोंक-झोंक हो जाती थी पर अब उनके बीच खूब पटती है। नीतू कहती है कि जितनी मस्ती उसने यहां रहकर की है शायद ही ऐसी मस्ती वह फिर कभी कर पाए। रात को पार्टी में जाना, देर रात फिल्‍म के शो देखना, जब मन करे बाहर घूमने निकल पड़ना। किसी का जन्मदिन आया तो पार्टी कर खूब धमाल मचाना।

पंजाब से आई दिव्या किरोड़ीमल से अंग्रेजी ऑनर्स कर रही है। वह भी मुखर्जी नगर में एक किराए का कमरा लेकर रह रही है। उसके अनुसार, यहां रहकर बजट के हिसाब से घर चलाना आ गया। कभी खाना बनाने का मन नहीं किया तो रात को ही बाहर खाना खाने निकल लिए।

उसके अनुसार, मैं पंजाब के जिस गांव से हूं वहां अभी भी लड़कियां सूट ही पहनती हैं लेकिन मेरे बहुत से शौक यहां पूरे हुए। मुझे केपरी  पहनने का बहुत शौक था,जो यहां पूरा हुआ। मुखर्जी नगर में ही रहने वाली पीयू कहती है, आप किराए पर कमरा लेकर जब रहते हो तो अपनी पसंद से रहने की आजादी होती है।

कई बार ब्‍वॉय फ्रेंड आपके साथ ही रुक जाता है। अन्‍य लड़कियां भी कॉपरेट करती हैं। घर पर यह सब सोचा भी नहीं जा सकता था। वैसे बाहर रहने का यह मतलब नहीं है कि बेफिक्र हो जाएं। हर तरह से सावधानी तो रखनी ही पड़ती है।

बाहर रहते समय इन बातों का रखें ध्यान

* आप जिस भी हॉस्टल, पीजी या फिर कमरे में रह रह रही हैं। ध्यान रखें कि वह हर लिहाज से सुरक्षित हो।

* आप घरवालों से दूर हैं। वह बस आपकी बातों पर ही विश्वास कर सकते हैं। उनके विश्वास को हमेशा बरकरार रखिए।

* अगर आप पीजी में रह रही हैं तो आपको शेयरिंग किचन, बाथरूम मिलेगा। इसके लिए आप पहले से ही तैयार हो जाएं।

* अगर आप कमरा लेकर रह रही हैं तो उनसे बिजली और पानी के बिल की बात पहली ही कर लें। इसी के साथ कमरे में लैपटॉप आदि यानी कितनी पॉवर प्वाइंट्स है इन पर जरूर गौर फरमा लें।

* पीजी में हैं तो पीने का पानी सुरक्षित है या नहीं यह देखना जरूरी है। कमरे में रह रही हैं तो पानी ऐसा पींए जो प्रदूषित न हो।

* अपने रहने की जगह के आस-पास खाने-पीने, शॉपिंग, कपड़े प्रेस वाले को पहले ही देख लें। ये सब आपके आस-पास ही हों।

* सुरक्षा का हमेशा ख्‍याल रखें। किसी पर आंख मूंद कर भरोसा न करें। बाद में पछताना भी पड़ सकता है