
जैसा की आप सभी जानते है प्यार अपने आप में ही अधुरा हैं। अगर प्यार के बारे में हम कुछ कहे भी तो अधुरा ही कहेंगे। फिर भी कोसिश करते है इसको परिभषित करने की...
प्यार एक एहसास है, इसका कोई साकार रूप नही होता है।
जब आप किसी के प्रति समर्पित हो तो वह प्यार है,
और बदले में बिना कुछ पाने की इच्छा रख कर
किसी को जुनून की हद तक चाहते रहना ही प्यार है।
एक ऐसा सुंदर व सुखद एहसास
जिसे शब्दों में व्यक्त कर पाना संभव न होना...
जहाँ दो दिल तड़पते हों उसी को प्यार माना है।
जहा दो दिल एक दुसरे के लिए धड़कते है ,
एक के दुःख में एक दुसरे के लिए तड़पते हो,
एक की ख़ुशी में दोनों दिल खुश हो,
जो एक दुसरे के लिए हमेशा खुश रहने और
उज्जवल भविष्य की कामना करे, यही प्यार है।
कुछ निम्न फिल्मो का सहारे भे आप भी इन चीजों को समझ सकते है।
प्यार (1950 फ़िल्म)
प्यार इश्क और मोहब्बत (2001 फ़िल्म)
प्यार का कर्ज़ (1990 फ़िल्म)
प्यार का तराना (1993 फ़िल्म)
प्यार का देवता (1990 फ़िल्म)
प्यार का मंदिर (1988 फ़िल्म)
प्यार का मौसमप्यार का मौसम (1969 फ़िल्म)
प्यार का रिश्ता (1973 फ़िल्म)
प्यार का रोग (1994 फ़िल्म)
प्यार का सपना (1969 फ़िल्म)
प्यार का सागरप्यार का साया (1991 फ़िल्म)
प्यार किया तो डरना क्या (1998 फ़िल्म)
प्यार की कहानी (1971 फ़िल्म)
प्यार की जीत (1987 फ़िल्म)
प्यार की राहें (1959 फ़िल्म)
प्यार के काबिल (1987 फ़िल्म)
प्यार के दो पल (1986 फ़िल्म)
प्यार के नाम कुर्बान (1990 फ़िल्म)
प्यार कोई खेल नहीं (1999 फ़िल्म)
प्यार ज़िन्दगी है (2001 फ़िल्म)
प्यार झुकता नहीं (1985 फ़िल्म)
प्यार तूने क्या किया (2001 फ़िल्म)
प्यार तो होना ही था (1998 फ़िल्म)
प्यार दीवाना होता है (2002 फ़िल्म)
प्यार में कभी कभी (1999 फ़िल्म)
प्यार में ट्विस्ट (2005 फ़िल्म)
प्यार मोहब्बत (1966 फ़िल्म)
प्यार मोहब्बत (1988 फ़िल्म)
प्यार ही प्यारप्यार हुआ चोरी चोरी (1992 फ़िल्म)
प्यार हो गया (1986 फ़िल्म)
yaad aaye kabhi vo pal
pachpan ki yande
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