प्रेम की बोली

              
   हम भारत के बच्चे हैं

भले उम्र के कच्चे हैं
पर दिल के हम सच्चे हैं
मुश्किल और बाधाओं से
कभी नहीं हम डरते हैं।
प्रेम की बोली सबको भाती
वही हमें जीना सिखलाती
नेक बनेंगे एक बनेंगे
हम भारत का तेज बनेंगे।

शिवानी जोशी (कक्षा-आठवीं)