सिर की त्वचा आसानी से नहीं दिख़ती क्योंकि यह बालों से ढंकी होती है, शायद इसीलिए त्वचा की देखभाल के दौरान इस हिस्से की त्वचा को मॉश्चराइज़ करना भूल जाते हैं। समय-समय पर शैंपू और कंडिशनर का उपयोग बालों के लिए भले ही पर्याप्त हो लेकिन सिर की त्वचा को नमी पहुंचाने के लिए कुछ अन्य उपायों की ज़रूरत होती है।
रूखी और तैलीय त्वचा का विशेष ख्याल, बाल बनते मजबूत, डैंड्रफ से भी मिलती है मुक्ति
सिर की त्वचा को मॉइश्चराइज़ करने से बाल भी मज़बूत बनते हैं और डैंड्रफ की आशंका भी कम होती है। अगर आपकी त्वचा रुखी है तो सिर की त्वचा भी इसी प्रकृति की होगी रुखी त्वचा वालों को सिर की त्वचा का सोराइसिस (स्कैल्प सोराइसिस) हो सकता है। इस समस्या में रुखी त्वचा के छोटे-छोटे टुकड़े दिखने लगते हैं जो डैंड्रफ जैसे ही दिखाई देते हैं।
इसके विपरीत तैलीय त्वचा वालों को एक अन्य परेशानी होने की संभावना रहती है जिसमें सिर की त्वचा पर चिपचिपे चकत्ते बनने लगते हैं। इसके अलावा जो सबसे आम समस्या होती है वह है डैंड्रफ।
डैंड्रफ से जुड़े तथ्य
* बालों को शैंपू करना डैंड्रफ से छुटकारा पाने का आसान तरीका है, इससे सिर की त्वचा में जमी गंदगी, अतिरिक्त तेल और डैंड्रफ साफ़ हो जाते हैं।
* हर बार बाल धोने के लिए एंटी डेंड्रफ शैंपू का इस्तेमाल करना ग़लत है। हर बार एंटी डैंड्रफ शैंपू के उपयोग से समस्या बढ़ सकती है। एंटी डैंड्रफ शैंपू के इस्तेमाल से कोई फ़ायदा न हो रहा हो तो शेंपू को बदलकर देखें।
* दो-तीन प्रकार के एंटी डैंड्रफ शैंपू का इस्तेमाल करके आप जान जाएंगे कि आपके लिए कौनसा सबसे अच्छा है।
* जिंक पायरिथियोन फंगस घटाता है। सेलिसिलिक एसिड त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाता है। कीटोकोनाज़ोल फंगस पर असरकारी होता है।
* डैंड्रफ के कारण सिर में खुजली होती है और यदि खुजलाने की वजह से सिर में घाव हो गए हों तो संक्रमण का ख़तरा बढ़ जाता है। ऐसे में सिर की सफाई और भी ज़रूरी हो जाती है। इसके लिए साधारण शैंपू के बजाए बेबी शैंपू का इस्तेमाल करें।
त्वचा को नर्म रखने के लिए तेल
त्वचा को नर्म रखने के लिए त्वचा के नीचे स्थित तैलीय ग्रंथि से सीबम या तेल बनता है। हालांकि कई बार यह ग्रंथि पर्याप्त मात्रा में सीबम का उत्पादन नहीं करती, जिससे त्वचा रुखी हो जाती है। ऐसी त्वचा पर तेल लगाना फायदेमंद होता है। किसी मॉइश्चराइिज़ंग क्रीम या लोशन के मुकाबले तेल गहराई से और ज्यादा समय तक असर करता है, इसीलिए इसका उपयोग बेहतर है। सिर की त्वचा के लिए कई तरह के तेलों का उपयोग किया जा सकता है, जैसे जोजोबा का तेल। मॉइश्चराइज़ेशन इसके विभिन्न फायदों में से एक है। मिनरल ऑयल, कॉड liveर ऑयल और नारियल तेल का प्रयोग सिर की त्वचा को मॉइश्चराइज़ करने के लिए किया जाता है। सिर की त्वचा स्वस्थ रहेगी तो बाल भी बेहतर बनेंगे।
शैंपू करते समय सावधानियां
* बाल धोने के लिए शैंपू और फिर कंडिशनर का उपयोग कई लोग करते हैं। इन उत्पादों का इस्तेमाल करते हुए कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए ताकि बालों को इनसे फायदे के बजाए नुकसान न पहुंचे। इसके लिए यह समझना ज़रूरी है कि शैंपू और कंडिश्नर कैसे काम करते हैं।
* शैंपू करने पर बालों के क्यूटिकल्स (रोम-कूप) खुल जाते हैं। वहीं कंडिशनर लगाने से ये क्यूटिकल्स बंद हो जाते हैं।
* कंडिशनर का उपयोग करते समय विशेष ध्यान रखें कि यह गलती से भी बालों की जड़ों यानी की सिर की त्वचा पर न लगे।
* ऐसे उत्पादों का उपयोग बिल्कुल न करें जिनमें शैंपू और कंडिशनर दोनों एक साथ मिलाए गए हों।
* शैंपू करते हुए कुनकुने पानी का उपयोग करना चाहिए क्योंकि इससे क्यूटिकल्स खुल जाते हैं वहीं कंडिशनर का उपयोग करते हुए ठंडे पानी का उपयोग करना बेहतर होता है क्योंकि इसके इस्तेमाल से क्यूटिकल्स बंद होते हैं।
थोड़ी सलाह
डैंड्रफ का कारण चाहे जो हो सिर की त्चचा को समय-समय पर मॉइश्चराइज़ करते रहें तो इस समस्या से बचा जा सकता है। इसके अलावा बालों की स्टाइलिंग के लिए कम से कम उत्पादों का उपयोग करें तो अच्छा रहेगा। बालों की देखभाल के लिए क्रीम आदि के बजाए तेल बेहतर होते हैं।
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