जिंदगी कितनी तन्हा-तन्हा थी,

कोई भी अपना नहीं था,

एक भी अच्छा दोस्त नहीं था,

फिर तुम मेरी जिंदगी में आईं,

और तब मुझे पता चला कि…

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“अकेले ही ठीक था यार …… !”

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